Think beyond your imagination......
Sunday, May 15, 2011
बगल से गुज़रती ये ज़िन्दगी मेरी,
पूछती है कि राह कौन सी है........
मैं कहता हूँ कि राह वो नहीं जिधर तुम चलती हो,
राह वो है जिधर से हम गुज़रते हैं...
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