Thursday, December 15, 2011

२६/११--- हम नहीं भूलेंगे. *हार्दिक श्रद्धांजलि*

तीन साल.. 
कुछ ज़ख्म भरे, कुछ अब भी हैं हरे
पूछूँ खुद से, कहाँ हम खड़े,
उनसे लड़ें, या खुद से भिड़ें,
कबतक ऐसे ही डरकर सहें,
बहने दें रक्त पर किससे कहें,
या जैसे है चलता, वैसे चलने दें....

बोझिल है मन, खोने को हम,
अपनों को खो देने का ग़म,
कहीं तो होगी एक किरण,.. एक आशा की किरण..
कि एक दिन ये बदलेगा.. हम बदलेंगे...



२६/११--- हम नहीं भूलेंगे. *हार्दिक श्रद्धांजलि*

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