Think beyond your imagination......
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जब मेरे एक मित्र ने अपने लिए "दो" शब्द कहने का आग्रह किया...
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जब मेरे एक मित्र ने अपने लिए "दो" शब्द कहने का आग्रह किया...
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Thursday, July 22, 2010
हर शख्स ख़ास है
दुनिया का हर शख्स ख़ास है,
कोई खुश तो कोई बदहवास है..
दो वाक्य तो बहुत कम होते हैं किसी पे लुटाने को,
दो शब्दों से कोई दोस्त खास हो तो क्या बात है...
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