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Thursday, July 22, 2010

फटी हुई sheet का फ़साना

फटी हुई sheet का अजब फ़साना था,
बिखरी हुई रेखाओं का बिखर जाना था,
chandak mam की ख़ामोशी का ज़माना था,
पर landge sir का तूफ़ान तो मानो आना था।

रात भर जागना और वो topo मारना,
मिलजुलकर काम करने का बहाना देना,
सारी मेहनत पर यूँ पानी का फिरना,
फिर भी viva देकर हॉस्टल तक मुस्कुराना,

तबीयत में वो गुस्से का भर जाना,
मानो wanjari sir के सीने में खंजर घुसा आना,

अगले दिन फिर से बिना load के क्लास आना,
फिर से वही मस्ती में गुम हो जाना॥

हालत तो अपनी मानो ऐसी है यारों,
कि गम का कभी एहसास न हो,

topo मार कर फिर से sheet हम बनायेंगे,
submit भी एकसाथ कर के आयेंगे,
नहीं फटी तो मुस्कुराएंगे, फट गयी तो गुनगुनायेंगे,
और फिर एक नयी sheet बनायेंगे, और फिर एक नयी sheet बनायेंगे.......