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Wednesday, July 21, 2010

वाह रे Charlie Chaplin

"I love to walk in the rain so that no one can see me crying"..
---- Charlie Chaplin

मनोरंजन की दुनिया का एक जाना पहचाना नाम। अपने खामोश हाव-भाव से लोगों को हँसाता वह व्यक्ति क्या अन्दर से इतना दुखी हो सकता है? सवाल मौलिक भी है और स्वाभाविक भी। कहते हैं, हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे एक दुखी मन छिपा होता है। अन्दर से व्यथित, परिस्थितियों से निःशब्द, खामोश, चुप व शांत मन। जीवन की परछाइयों तक सिमट कर रह गया वह व्यथित मन जो बहरी दुनिया के सुखद एहसासों को महसूस कर के भी महसूस नहीं कर पा रहा। दूसरों के साथ ठहाके लगाने वाला व्यक्ति भी दुखी हो सकता है। वाह रे चार्ली, ... क्या बात कही है! ये सिर्फ तेरी बात ही नहीं, न जाने दुनिया में तेरे जैसे कितने लोग हैं......